( चेहरा है या चांद खिला )....जी
हां.. आप भी चाहती हैं कि आपके पार्टनर आप के चेहरे की तुलना चमकते चांद से करें।
लेकिन चांद पर तो दाग हैं। चांद के दाग-धब्बे हटाना तो हमारे बस की बात नहीं मगर
चेहरे से दाग-धब्बे मिटाना खुद आप ही के बस की बात है। हमारे त्वचा में कई प्रकार
के चर्म रोग या स्किन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। इस तरह की समस्याए अच्छे भले
इंसान की खूबसूरती को बिगाड कर रख देती है। इन त्वचा संबंधी समस्याओं या बिमारियों
के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी होना खुद हमारे और हमारे अपनों के लिए बेहद
जरूरी होता है। आमतौर पर सफेद दाग, सोरिएसिस या अपरस, मस्से, तिल, सनटैनिंग, और
एलर्जी जैसी समस्या अकसर देखने को मिलती हैं। इसके लिए बस आपको हमारे देश की सबसे
बड़ी चिकित्सा पद्धति को अपनाना होगा। हमारे देश में सदियों से योग चिकित्सा के
जरिए बड़े से बड़े बिमारियो का उपचार संभव हुआ है। योग जीवन जीने की कला है। सुन्दर
व्यक्तित्व के लिए सुन्दर चेहरा महत्वपूर्ण मानदंड है। चेहरा मन का दर्पण होता है
चेहरे के हाव भाव से ही व्यक्ति की मानसिक स्थिति का पता चलता है । हमारे जनमानस
में एक आमधारणा है कि सुन्दर चेहरा पैदा नहीं होता है बल्कि बनाया जाता है। हमारे
चेहरे पर 72 मांसपेशियां होती है और ये बहुत जटिल होती है । मासंपेशियों का कनेक्शन
शरीर के हर हिस्से तक पहुंचता है। चेहरे को निखारने के लिए रोज चेहरे की कसरत
जरूरी है। उम्र
बढ़ने के साथ ही व्यक्ति अपनी अनियमित जीवन शैली के चलते अपनी त्वचा की रंगत और
चमक को खोता जाता है। रिंकल्स, डार्क सर्कल्स, डल स्किन, आंखों की झुर्रियां, पेट और कमर को योग से
बेहतर किया जा सकता है। ऐसे में योग हम सब के लिए
एक वरदान की तरह है। योग
बिना मूल्य का ऐसा उपचार है जो हर तरह की बिमारियों का ईलाज तो करता ही है, साथ
में शरीर को फुर्तिला भी बनाए रखता है और शरीर को सुन्दर, सुडौल
और मजबूत भी बनाता है। किसी खास बीमारी के लिए किसी खास योग का उचित समय और उचित
तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो निश्चित ही आप निरोग बन सकते हैं।
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