दांतों को सेहत और सुंदरता का आईना माना जाता है। लेकिन, खाने के बाद मुंह की
साफ-सफाई न करने से दांतों में कई तरह की बीमारियां शुरू हो जाती हैं। दांतों की
साफ-सफाई में कमी के कारण जो बीमारी सबसे जल्दी होती है वो है पायरिया। सांसों की
बदबू, मसूड़ों में खून और दूसरी तरह की कई परेशानियां पायरिया के लक्षण हैं। दातों
की साफ-सफाई न करने के कारण पायरिया एक सामान्य बीमारी बन गई है। पायरिया के कारण
असमय दांत गिर सकते हैं। डिब्बाबंद खाने की चींजे, चॉकलेट्स, आइसक्रीम, शक्कर,
मैदा, पालिश वाले चावलों की ओर ज्यों-ज्यों हमारा आकर्षण बढ़ रहा है, त्यों-त्यों
इस बिमारी से परेशान लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। दरअसल मुंह में
लगभग 700 किस्म के बैक्टीरिया होते हैं, जिनकी संख्या करोडों में होती है। यही
बैक्टीरिया दांतों और मुंह को बीमारियों से बचाते हैं। अगर मुंह, दांत और जीभ की
सफाई ठीक से न की जाए तो ये बैक्टीरिया दांतो और मसूडों को नुकसान पहुंचाते हैं।
पायरिया होने पर दांतों को सपोर्ट करने वाली जबडे की हड्डियों को नुकसान होता है।
पायरिया शरीर में कैल्शियम की कमी होने से मसूड़ों की खराबी और दांत-मुंह की साफ
सफाई में कोताही बरतने से होता है। इस बीमारी में मसूड़े पिलपिले और खराब हो जाते
हैं और उनसे खून आता है। सांसों की बदबू की वजह भी पायरिया को ही माना जाता है।
पायरिया की रोकथाम के लिए खाने में खनिज की मात्रा होनी चाहिए जो चोकरयुक्त आटा, दूध, ताजे फल व हरी सब्जियों में अधिक मात्रा में मिलती है। इनका सेवन कर पायरिया से बचाव किया जा सकता है। शरीर के अन्य अंगों की तरह दांतों की रेगुलर एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, जो हलुआ-पूरी खाने से नहीं बल्कि कच्ची सब्जियां खाने से और सुबह शाम मुट्ठी भर भीगे हुए गेहूं-चना लेने से हो सकती है। अंकुरित गेहूं में विटामिन "ई" पाया जाता है जो कि पायरिया के अलावा नपुंसकता, बांझपन, जख्म जल्दी न भरना जैसे बिमारियों में बहुत फायदेमंद है। पायरिया का अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो दांत ढीले होकर गिर जाते हैं। पायरिया का इलाज बडी आसानी से हो सकता है। पायरिया की समस्या होने पर जल्द से जल्द चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
पायरिया की रोकथाम के लिए खाने में खनिज की मात्रा होनी चाहिए जो चोकरयुक्त आटा, दूध, ताजे फल व हरी सब्जियों में अधिक मात्रा में मिलती है। इनका सेवन कर पायरिया से बचाव किया जा सकता है। शरीर के अन्य अंगों की तरह दांतों की रेगुलर एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, जो हलुआ-पूरी खाने से नहीं बल्कि कच्ची सब्जियां खाने से और सुबह शाम मुट्ठी भर भीगे हुए गेहूं-चना लेने से हो सकती है। अंकुरित गेहूं में विटामिन "ई" पाया जाता है जो कि पायरिया के अलावा नपुंसकता, बांझपन, जख्म जल्दी न भरना जैसे बिमारियों में बहुत फायदेमंद है। पायरिया का अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो दांत ढीले होकर गिर जाते हैं। पायरिया का इलाज बडी आसानी से हो सकता है। पायरिया की समस्या होने पर जल्द से जल्द चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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